Aaj Ka Panchang 2026 june 4 तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी
Aaj Ka Panchang 2026: यह सवाल हर उस व्यक्ति के मन में आता है जो शुभ कार्य करने से पहले सही समय जानना चाहता है। 4 जून 2026 गुरुवार का दिन है और इस दिन कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि प्रभावी रहेगी। यह दिन संकष्टी चतुर्थी व्रत के रूप में भी मनाया जाता है जो भगवान गणेश को समर्पित है।
आज का पंचांग 4 जून 2026 गुरुवार को कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि रात 11:30 बजे तक है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र 5 जून प्रातः 03:41 बजे तक रहेगा। शुक्ल योग प्रातः 09:03 बजे तक है और राहुकाल दोपहर 01:38 बजे से 03:20 बजे तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:28 से 12:23 बजे तक रहेगा।
हिंदू पंचांग में हर दिन का अपना विशेष महत्व होता है। पंचांग पांच अंगों से मिलकर बना है जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार शामिल हैं। इन पाँचों अंगों को मिलाकर दिन की पारंपरिक पंचांग गणना तैयार की जाती है।
कई परिवार आज भी किसी महत्वपूर्ण काम को शुरू करने से पहले पंचांग देखते हैं। चाहे दुकान खोलना हो, यात्रा पर जाना हो या कोई नया व्यापार शुरू करना हो। यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है।
आज के पंचांग का संक्षिप्त विवरण
4 जून 2026 को ज्येष्ठ अधिक मास का कृष्ण पक्ष चल रहा है। विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी नाम संवत्सर प्रभावी है। शक संवत 1948 परभव के अनुसार यह दिन गणना किया गया है।
गुरुवार का दिन बृहस्पति ग्रह को समर्पित माना जाता है। इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनना और पीली वस्तुओं का दान कई लोग उपयुक्त मानते हैं। भगवान विष्णु और गुरु की पूजा इस दिन पारंपरिक रूप से की जाती है।
आज का पंचांग तालिका 4 जून 2026
| पंचांग अंग | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्थी रात 11:30 बजे तक |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा 5 जून प्रातः 03:41 बजे तक |
| योग | शुक्ल योग प्रातः 09:03 बजे तक फिर ब्रह्म योग |
| करण | बव 10:27 बजे तक फिर बालव रात 11:30 बजे तक |
| वार | गुरुवार बृहस्पति का दिन |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ अधिक मास |
| सूर्योदय | प्रातः 05:23 बजे नई दिल्ली |
| सूर्यास्त | सायं 07:16 बजे नई दिल्ली |
| चंद्रोदय | रात 10:04 बजे |
| चंद्रास्त | 5 जून प्रातः 09:04 बजे |
| चंद्र राशि | धनु से मकर प्रातः 07:41 बजे परिवर्तन |
| सूर्य राशि | वृषभ राशि |
| विक्रम संवत | 2083 सिद्धार्थी |
| शक संवत | 1948 परभव |
| ऋतु | ग्रीष्म ऋतु |
यह जानकारी प्रतिदिन पंचांग स्रोतों की सहायता से अपडेट की जाती है। स्थानीय गणना में थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए अपने शहर के अनुसार समय पुनः सत्यापित करें।
आज का राहुकाल और अशुभ समय
राहुकाल वह समय होता है जब राहु ग्रह का प्रभाव अधिक माना जाता है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस समय में नए और शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। हालांकि पहले से चल रहे कार्यों पर इसका कोई प्रभाव नहीं माना जाता।
गुरुवार को राहुकाल दोपहर के समय आता है। इस दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर या बड़े फैसले टालना बेहतर रहता है। कई व्यापारी इस समय को ध्यान में रखकर अपने काम की योजना बनाते हैं।
| अशुभ काल | समय |
|---|---|
| राहुकाल | गुरुवार 13:308 बजे से 15:00 बजे तक |
| यमगंड | प्रातः 05:07 बजे से 06:49 बजे तक |
| गुलिक काल | प्रातः 09:15 बजे से 10:56 बजे तक |
| दुर्मुहूर्त | 09:39 से 10:34 और 15:06 से 16:01 बजे तक |
| वर्ज्यम | प्रातः 09:55 से 11:42 बजे तक |
प्रमुख शहरों में राहुकाल का समय
राहुकाल का समय हर शहर में अलग होता है क्योंकि यह स्थानीय सूर्योदय पर निर्भर करता है। नीचे दी गई तालिका में भारत के प्रमुख शहरों का राहुकाल समय दिया गया है।
| शहर | राहुकाल समय |
|---|---|
| नई दिल्ली | 02:03 PM से 03:47 PM |
| मुंबई | 02:15 PM से 03:54 PM |
| बेंगलुरु | 01:53 PM से 03:30 PM |
| हैदराबाद | 01:52 PM से 03:30 PM |
| चेन्नई | 01:43 PM से 03:19 PM |
| अहमदाबाद | 02:18 PM से 03:59 PM |
| पुणे | 02:11 PM से 03:50 PM |
| कोलकाता | 01:15 PM से 02:56 PM |
| जयपुर | 02:07 PM से 03:50 PM |
| लखनऊ | 01:47 PM से 03:30 PM |
आज का चौघड़िया 4 जून 2026
चौघड़िया मुहूर्त का सबसे सरल तरीका माना जाता है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बांटा जाता है। हर भाग का एक ग्रह स्वामी होता है, जिसके अनुसार उस समय की शुभता तय होती है।
गुरुवार को दिन की शुरुआत शुभ चौघड़िया से होती है। इसके बाद रोग और उद्वेग आते हैं जो अशुभ माने जाते हैं। शुभ कार्यों के लिए अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया उपयुक्त रहते हैं।
दिन का चौघड़िया सूर्योदय से सूर्यास्त तक
| समय | चौघड़िया | प्रकार |
|---|---|---|
| 05:07 से 06:49 | शुभ | शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त |
| 06:49 से 08:31 | रोग | अशुभ बचें |
| 08:31 से 10:13 | उद्वेग | सरकारी कार्यों के लिए |
| 10:13 से 11:55 | चर | यात्रा के लिए शुभ |
| 11:55 से 13:38 | लाभ | व्यापार के लिए शुभ |
| 13:38 से 15:20 | अमृत | सभी कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ |
| 15:20 से 17:02 | काल | धन संग्रह को छोड़कर अशुभ |
| 17:02 से 18:44 | शुभ | शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त |
रात का चौघड़िया सूर्यास्त से सूर्योदय तक
| समय | चौघड़िया | प्रकार |
|---|---|---|
| 18:44 से 20:02 | अमृत | सभी कार्यों के लिए शुभ |
| 20:02 से 21:20 | चर | यात्रा के लिए उपयुक्त |
| 21:20 से 22:38 | रोग | अशुभ बचें |
| 22:38 से 23:55 | काल | धन संग्रह को छोड़कर अशुभ |
| 23:55 से 01:13 | लाभ | व्यापार के लिए शुभ |
| 01:13 से 02:31 | उद्वेग | सरकारी कार्यों के लिए |
| 02:31 से 03:49 | शुभ | शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त |
| 03:49 से 05:07 | अमृत | ब्रह्म मुहूर्त सभी कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ |
चौघड़िया समय सूर्योदय और सूर्यास्त पर आधारित होता है। इसलिए अलग-अलग शहरों में यह समय थोड़ा अलग हो सकता है। ऊपर दिया गया समय नई दिल्ली के अनुसार है।
आज के शुभ मुहूर्त
मुहूर्त का चयन करते समय तिथि, नक्षत्र, योग और करण का ध्यान रखा जाता है। आज गुरुवार होने के कारण शिक्षा और आध्यात्मिक कार्यों के लिए दिन अच्छा माना जाता है। नीचे आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त दिए गए हैं।
| मुहूर्त | समय |
|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:44 से 04:25 बजे |
| प्रातः संध्या | 04:04 से 05:07 बजे |
| अभिजित मुहूर्त | 11:28 से 12:23 बजे |
| विजय मुहूर्त | 14:12 से 15:06 बजे |
| गोधूलि मुहूर्त | 18:45 से 19:06 बजे |
| सायं संध्या | 18:45 से 19:47 बजे |
| अमृत काल | 20:34 से 22:21 बजे |
अभिजित मुहूर्त दिन के अधिक अनुकूल समयों में से एक माना जाता है। कई लोग इस समय को महत्वपूर्ण कार्यों के लिए उपयुक्त मानते हैं, ऐसी मान्यता है। महत्वपूर्ण बैठकें, दस्तावेजों पर हस्ताक्षर या कोई नया काम इसी समय करना उचित रहता है।
ब्रह्म मुहूर्त आध्यात्मिक साधना के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस समय मन शांत रहता है और ध्यान, पूजा या मंत्र जाप करना लाभकारी होता है। कई लोग इस समय उठकर अपनी दिनचर्या शुरू करते हैं।
आज का व्रत और त्योहार
4 जून 2026 को संकष्टी चतुर्थी का व्रत है। यह व्रत कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है।
संकष्टी को पारंपरिक रूप से कठिनाइयों से मुक्ति से जोड़कर देखा जाता है। इस व्रत को करने से जीवन की बाधाएं दूर होती, हैं ऐसी मान्यता है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है, जो सभी समस्याओं का समाधान करते हैं।
इस व्रत में सूर्योदय से चंद्रोदय तक उपवास रखा जाता है। आज चंद्रोदय रात 10:04 बजे होगा। चंद्रमा के दर्शन के बाद अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है।
व्रत के दौरान दूर्वा घास और मोदक भगवान गणेश को अर्पित किए जाते हैं। ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है। साधारण भोजन के साथ फल और दूध का सेवन किया जा सकता है।
आज की तिथि का महत्व
चतुर्थी तिथि चंद्र मास की चौथी तिथि होती है। यह तिथि भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती है। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं।
आज ज्येष्ठ अधिक मास चल रहा है। अधिक मास में व्रत और दान का विशेष महत्व माना जाता है, ऐसी मान्यता है। इस मास में भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है।
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में चंद्रमा स्थित है। यह नक्षत्र स्थिरता, दृढ़ता और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संकेत देता है। इस नक्षत्र को कई लोग दीर्घकालिक योजनाओं के लिए अनुकूल मानते हैं।
आज के दिन के लिए सुझाव
गुरुवार का दिन शिक्षा और ज्ञान प्राप्ति के लिए अच्छा माना जाता है। कोई नया कोर्स शुरू करना या किताबें खरीदना आज उचित रहेगा। बड़ों का आशीर्वाद लेना इस दिन विशेष फलदायी होता है।
- पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ रहेगा
- केले का दान करना लाभकारी माना जाता है
- अभिजित मुहूर्त में महत्वपूर्ण काम करें
- राहुकाल में नए काम शुरू करने से बचें
- संध्या समय दीप जलाएं और प्रार्थना करें
- संकष्टी व्रत रखने वाले चंद्रोदय का इंतजार करें
कुछ परिवार यात्रा शुरू करने से पहले शुभ समय देखना पसंद करते हैं। आज यात्रा के लिए चर चौघड़िया का समय उपयुक्त रहेगा। सुबह 10:13 से 11:55 और शाम 20:02 से 21:20 तक यात्रा के लिए अच्छा समय है।
नक्षत्र और योग का विस्तृत विवरण
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र 27 नक्षत्रों में 21वां नक्षत्र है। इसका स्वामी सूर्य है और इसे विश्वदेव का नक्षत्र माना जाता है। इस नक्षत्र में जन्मे लोग दृढ़ संकल्प वाले होते हैं ऐसी मान्यता है।
शुक्ल योग आज सुबह 09:03 बजे तक रहेगा। यह योग मध्यम फलदायी माना जाता है। इसके बाद ब्रह्म योग प्रभावी होगा,जो शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त है।
बव और बालव करण आज प्रभावी हैं। बव करण सुबह 10:27 बजे तक रहेगा और इसके बाद बालव करण आएगा। दोनों करण सामान्य कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।
चंद्र राशि परिवर्तन
आज चंद्रमा सुबह 07:41 बजे धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेगा। मकर राशि में चंद्रमा व्यावहारिक और अनुशासित ऊर्जा देता है। इस समय के बाद लंबी अवधि की योजनाओं पर काम करना अच्छा रहेगा।
धनु राशि में चंद्रमा के दौरान मन थोड़ा अस्थिर रह सकता है। सुबह के समय एक से दूसरे विचार में कूदने की प्रवृत्ति हो सकती है। इसलिए सुबह की करने योग्य सूची पहले से तैयार रखें।
सप्ताह के प्रत्येक दिन का राहुकाल
राहुकाल हर दिन अलग समय पर आता है। यह समय वार के अनुसार निर्धारित होता है। नीचे दी गई तालिका में सामान्य राहुकाल का क्रम दिया गया है।
| वार | राहुकाल | यमगंड |
|---|---|---|
| सोमवार | 07:30 से 09:00 | 10:30 से 12:00 |
| मंगलवार | 15:00 से 16:30 | 09:00 से 10:30 |
| बुधवार | 12:00 से 13:30 | 07:30 से 09:00 |
| गुरुवार | 13:30 से 15:00 | 06:00 से 07:30 |
| शुक्रवार | 10:30 से 12:00 | 15:00 से 16:30 |
| शनिवार | 09:00 से 10:30 | 13:30 से 15:00 |
| रविवार | 16:30 से 18:00 | 12:00 से 13:30 |
यह समय सामान्य है और स्थानीय सूर्योदय के अनुसार बदल सकता है। सटीक समय के लिए अपने शहर का सूर्योदय समय जानना जरूरी है। ऊपर दी गई तालिका लगभग 06:00 बजे सूर्योदय के आधार पर है।
चौघड़िया को समझें
चौघड़िया शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है – चौ यानी चार और घड़िया यानी घड़ी। प्राचीन समय में समय को घटी में मापा जाता था। एक चौघड़िया लगभग चार घटी यानी 90 मिनट का होता है।
दिन में 8 और रात में 8 चौघड़िया होते हैं। कुल मिलाकर 24 घंटे में 16 चौघड़िया होते हैं। इनमें से कुछ शुभ और कुछ अशुभ माने जाते हैं।
शुभ चौघड़िया – अमृत, शुभ, लाभ और चर को शुभ माना जाता है। इनमें अमृत सबसे अच्छा है जो सभी कार्यों के लिए उपयुक्त है। शुभ विवाह और मांगलिक कार्यों के लिए अच्छा है।
अशुभ चौघड़िया – रोग, काल और उद्वेग को अशुभ माना जाता है। रोग में नए काम शुरू करने से बचना चाहिए। काल धन संग्रह के लिए माना जाता है, लेकिन अन्य कार्यों के लिए नहीं।
उद्वेग चौघड़िया सरकारी कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है। यह सूर्य के प्रभाव में होता है। सरकारी दफ्तरों में काम या कोर्ट कचहरी के मामलों में इसका उपयोग किया जा सकता है।
पंचांग की गणना वैदिक ज्योतिष के सिद्धांतों पर आधारित होती है। अधिक जानकारी के लिए आप द्रिक पंचांग जैसे विश्वसनीय स्रोतों से भी समय सत्यापित कर सकते हैं।
निष्कर्ष
4 जून 2026 गुरुवार का दिन संकष्टी चतुर्थी व्रत के साथ विशेष रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:28 से 12:23 तक सबसे शुभ समय रहेगा। राहुकाल दोपहर 01:38 से 03:20 तक रहेगा, इसलिए इस समय नए काम शुरू करने से बचें।
दैनिक पंचांग और मुहूर्त जानकारी आपके शुभ कार्यों की योजना बनाने में सहायक होती है। शुभ समय में शुरू किए गए काम अच्छे परिणाम देते हैं, ऐसी पारंपरिक मान्यता है। अपने शहर के अनुसार सटीक समय जानने के लिए स्थानीय पंचांग देखें।
प्रकाशन से पहले समय पुनः सत्यापित करें क्योंकि स्थानीय गणना में अंतर हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आज 4 जून 2026 को कौन सी तिथि है?
आज कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि है जो रात 11:30 बजे तक रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। यह ज्येष्ठ अधिक मास में पड़ रही है।
आज का राहुकाल कितने बजे से है?
आज गुरुवार को राहुकाल दोपहर 01:38 से 03:20 तक है। यह समय नई दिल्ली के अनुसार है। अन्य शहरों में समय थोड़ा अलग हो सकता है।
क्या चौघड़िया और राहुकाल अलग होते हैं?
हां, दोनों अलग-अलग गणना पर आधारित हैं। चौघड़िया दिन को 16 भागों में बांटता है जबकि राहुकाल एक विशेष अशुभ समय है। शुभ चौघड़िया में भी राहुकाल आ सकता है।
आज अभिजित मुहूर्त कब है?
अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:28 से 12:23 बजे तक है। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। महत्वपूर्ण कार्य इसी समय करना उचित रहता है।
क्या सभी शहरों में चौघड़िया का का समय समान होता है?
नहीं, चौघड़िया समय स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर निर्भर करता है। हर शहर का समय थोड़ा अलग होता है। सटीक समय के लिए अपने शहर का पंचांग देखें।
अस्वीकरण – यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी और सांस्कृतिक संदर्भ के लिए है। पंचांग, चौघड़िया और मुहूर्त की जानकारी पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श लें और स्थानीय समय पुनः सत्यापित करें।
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